
DEHRADUN,UTTARAKHAND
ONE NATION – ONE ELECTION
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का कार्यान्वयन, जो उनकी पार्टी-भाजपा द्वारा अपने चुनावी घोषणापत्र में किए गए प्रमुख वादों में से एक है, उनकी सरकार की “प्रतिबद्धता” है।
“एक राष्ट्र, एक चुनाव” का आशय यह है कि एक समय पर पूरे देश भर में एक साथ लोकसभा और विधान सभाव चुनाव संपन्न करवाए जाए। बता दें कि अभी तक देश भर में दोनों चुनाव अलग-अलग समय पर कराए जाते हैं, लेकिन अब मोदी सरकार इसे एक ही समय पर कराने के लिए कवायद कर रही है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता कमलेश रमन ने अपने लेख के माध्यम से बताया कि जब देश आजाद हुआ तो समस्त भारत वर्ष में एक तय समय में चुनाव लंबे अंतराल तक कराए गए ।
बाद में क्योंकि देश में सत्ता कांग्रेस की लंबे समय तक रही तो उन्होंने अपनी सुविधानुसार हर राज्य में अपने अनुकूल वातावरण में चुनाव कराए आज भारत का परिदृश्य अगर देखे तो वर्तमान में *प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र* *मोदी* जिस प्रकार से भारत की सुव्यवस्थित राष्ट्रीय अलौकिक परिकल्पना कर रहे हैं वह वन नेशन वन इलेक्शन से परिपूर्ण हो सकती है ।
कमलेश रमन ने लेख मै कहा है कि जब देश में आधुनिक तकनीकी एवं अन्य संसाधनों का अभाव प्रचार प्रसार के नाम पर हमारे पास कुछ नहीं था तब देश में एक साथ चुनाव हुए *1952, 1957,* *1962,* और *1967 , में चुनाव कराए गए तो आज क्यों नहीं आज हमारा देश संचार क्रांति प्रचार प्रसार के आधुनिक उपकरणों के क्षेत्र में नए-नए आयाम हासिल कर चुका है हमारे पास हर तरह की मशीनरी कर्मचारी और जरूरत की हर सामग्री मौजूद है ।
एक देश एक चुनाव से समग्र फायदे होंगे जैसे समय की बचत, धन का सदुपयोग, कम मशीनरी, और बार-बार आचार संहिता लगने से जो कार्य अवरुद्ध होते थे वह नहीं होंगे सबसे बड़ा तर्कसंगत के हमारे देश की प्रबुद्ध जनता बार-बार परेशान नहीं होगी।
आधुनिकता के इस युग में जो लोग वन नेशन वन इलेक्शन का विरोधाभास कर रहे हैं अपनी सुविधा अपने स्वार्थ की पूर्ति हेतु भ्रमित करने का काम रहे हैं उन्हें आज जनता गंभीरता से नहीं लेती और उनके तर्क वितरकों का भी संज्ञान नहीं रखती विपक्ष की मानसिकता हमेशा से देश में विभाजनकारी नीति। तुर्ष्टिकारण की राजनीति को बढ़ावा देने की रही देश का हर जन मानस वन नेशन वन इलेक्शन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ है ।