यूपी के कानपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक बीएससी ने दुखभरी कविता लिख फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या क ली। वह काफी समय से डिप्रेशन में थी। मां उस वक्त पिता को खाना देने गई हुई थी। लौटकर आने पर बेटी का शव कमरे में लटका मिला। दूसरी ओर सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस कौ घटनास्थल से अंग्रेजी में लिखी एक कविता मिली।
ये घटना नौबस्ता थाना क्षेत्र के हंसपुरम आवास विकास का है। राकेश यादव ने बताया कि कोरोना काल से बेटी कोमल अवसाद में चल रही थी। सोमवार को उनकी पत्नी दुकान पर खाना देने के लिए निकली तो बेटी ने मकान के प्रथम तल पर बने कमरे में साड़ी के सहारे पंखे के कुंडे में लटककर जान दे दी। नौबस्ता इंस्पेक्टर ने बताया कि कोमल के मोबाइल की जांच की जा रही है। कोमल का भाई लखनऊ पीएसी में तैनात है।
यह लिखा रजिस्टर के पन्ने पर
छात्रा के कमरे से बरामद नोट में एक दुखभरी कविता लिखी हुई। ‘मेरी मौत चुनने से पहले का दिन। मैं सोकर उठी। मैंने आखिरी बार आकाश में सूरज को चमकते हुए देखा। मैंने फूलदान में अपने फूलों को आखिरी बार उगते देखा जिन्हें में काफी समय से उगा रही थी। मेरी मौत चुनने से पहले का दिन। मैंने अपनी खिड़की से संसार को देखा जो मैं हमेशा बचपन में देखती थी। मेरे जहन की यादें जो मेरी आंखों से सामने आ गई हैं। मेरी मौत चुनने से पहले का दिन। मैंने अपना नाश्ता बनाया और खाया है। मैंने अपने छोटे भाई को स्कूल जाते देखा। मैंने अपनी मां को खाना पकाते देखा।’
